Breaking News

पिथौरागढ़ के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल

Pithoragarh - Top And Best Places To Visit 


पिथौरागढ़ उत्तराखंड राज्य का एक प्रमुख शहर है और यह हिमालय पर्वतमाला का प्रवेश द्वार है। खूबसूरत सोर घाटी में बसे इस शहर के उत्तर में अल्मोड़ा जिला है और पूर्व में काली नदी से सटा पड़ोसी देश नेपाल है । पिथौरागढ़ को मिनी कश्मीर के नाम से भी जाना जाता है । यह हरे शंकुधारी वनों, साल, चीड़ और ओक के पेड़ों से घिरा हुआ हैं। यह स्थान साहसिक खेलों जैसे स्कीइंग, हैंग ग्लाइडिंग और पैराग्लाइडिंग के लिए भी लोकप्रिय है । 













पिथौरागढ़ जाने का सबसे अच्छा समय पिथौरागढ़ की यात्रा के इच्छुक पर्यटकों को गर्मियों में यहां आना उचित रहता है, क्योंकि इस समय यहां का वातावरण शांत व सुखद होता है। यह पहाड़ी जिला हिमालय के सबसे पूर्वी दिशा में बसा है। अपनी खास भौगोलिक स्थिति और विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए यह सैलाानियों के बीच काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। 


Pithoragarh Sightseeing 


हिमालय के पहाड़, बर्फीली चोटियां, दर्रे, घाटियां, घास के मैदान, घने जंगल, जलप्रपात, नदी, ग्लेशियर यादि इस पहाड़ी स्थल को खास बनाने का काम करते हैं। प्राकृतिक रूप से यह जिला काफी ज्यादा समृद्ध है।  इस जिले में कई मंदिर और प्राचीन खंडहर भी मौजूद हैं। घूमने-फिरने और देखने योग्य यहां बहुत से खास स्थल मौजूद हैं। इस लेख में हम आपको पिथौरागढ़ की सबसे बेहतरीन जगहों के बारे में जानकारी देंगे।  




पिथौरागढ़ के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल - Best Places in Pithoragarh

पिथौरागढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल निम्न है -

1. चंडाक - Chandak, Pithoragarh


चंडाक पिथौरागढ़ शहर से 8 किमी की दूरी पर स्थित है। यह खूबसूरत पहाड़ी सोर घाटी के उत्तरी क्षेत्र में स्थित है। यहां पहुंचने के लिए आपको कठिन चढ़ाई चढ़नी पड़ेगी। यहां पर आप हैंग ग्लाइडिंग का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा, यहां मनु नामक मंदिर और एक मैग्नेसाइट खनन का एक कारखाना भी है ।  इन जगहों पर भी आप जा सकते हैं। 


Mostamanu Temple, Pithoragarh


साहसिक कार्य के साथ ही आप चंडाक हिल्स में आध्यात्मिकता का स्पर्श भी प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि क्षेत्रीय देवता देव मनु को समर्पित प्रसिद्ध मोस्टमानू मंदिर यहाँ से लगभग 2 किमी की दूरी पर स्थित है । मोस्टमानू मंदिर अगस्त महीने के दौरान एक भव्य मेले की मेजबानी करता है |



2. पाताल भुवनेश्वर - Patal Bhuvneshwar, Pithoragarh


पाताल भुवनेश्वर उत्तराखंड के सबसे रहस्यमय और आध्यात्मिक स्थान में से एक है। समुद्र तल से 1350 मीटर की दूरी पर स्थित यह तीर्थस्थल मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है। पाताल भुवनेश्वर एक चूना पत्थर की गुफा है जो उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीघाट से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।


पाताल भुवनेश्वर गुफा का रास्ता एक लंबी और संकरी सुरंग से होकर जाता है। भगवान शिव के अलावा शेषनाग, काल भैरव, गणेश और कई अन्य देवताओं के रूप पाताल भुवनेश्वर में देखे जा सकते हैं। यह माना जाता है कि गुफा 33 करोड़ देवी-देवताओं का निवास स्थान है।




3. थल केदार - Thal Kedar, Pithoragarh


थल केदार एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है । पिथौरागढ़ से इसकी दूरी 8 किमी है। समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने का मार्ग संकरा है।  यह स्थान भी घाटी के कुछ अद्भुत दृश्य प्रदान करता है और हर साल शिवरात्रि के त्यौहार के दौरान कई पर्यटक यहाँ पूजा-अर्चना के लिए आते हैं  । यात्री पिथौरागढ़, नकुलेश्वर मंदिर एवं अंकोली से पैदल चलकर मंदिर पहुँच सकते हैं।



4. झूलाघाट - Jhulaghat, Pithoragarh


झूलाघाट एक गांव है जो पिथौरागढ़ से 36 किलोमीटर की दूरी पर भारत - नेपाल सीमा पर स्थित है।  भारत-नेपाल सीमा पर काली नदी पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है।  काली नदी पर बना एक छोटा सस्पेन्शन पुल भारत और नेपाल को जोड़ता है।  काली नदी के बगल में स्थित महेसानी मंदिर में भरी संख्या में पर्यटक आते हैं।  इसके अलावा, पर्यटक काली नदी में राफ्टिंग का आनंद ले सकते हैं जो समुद्री तल से 3090 मी ऊंचाई पर स्थित है। झूलाघाट से लगभग 4 किमी पर स्थित तालेश्वर महादेव मंदिर भी दर्शनीय है। 




5. डीडीहाट - Didihat, Pithoragarh


डीडीहाट एक शांत और बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल है जो पिथौरागढ़ शहर से 54 किमी की दूरी पर स्थित है। यह समुद्र तल से 1725 मीटर की ऊंचाई पर  स्थित है। इस जगह का नाम कुमाऊंनी शब्द ‘डंड' से लिया गया है, जिसका मतलब है - एक छोटी पहाड़ी । कुमाऊं हिमालय और घने जंगलों से घिरा यह पहाड़ी स्थल अपने मनमोहक वातावरण के बल पर दूर-दराज से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। आप यहां से पंचकुला चोटी के अद्भुत दृश्यों का दीदार कर सकते हैं।  नीचे चरमगढ़ व भदीगढ़ नदियां बहती हैं। सुंदर हाट घाटी भी पास में स्थित है। 



यहाँ भगवान शिव को समर्पित सीराकोट नामक एक मंदिर भी है। यह एक बेहद खास स्थल है, जहां आप प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद उठाने के साथ-साथ कई तरह की एडवेंचर एक्टिविटीज का लुत्फ़ भी उठा सकते हैं।  आप यहां ट्रेकिंग, हाइकिंग, कैंपिग का आनंद ले सकते हैं। 



साथ ही आप यहां कुमाऊँनी संस्कृति को काफी करीब से देख सकते हैं।  इसके अलावा यहां मौजूद धार्मिक स्थलों के दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त कर सकते हैं। आप सिराकोट मंदिर के दर्शन कर सकते हैं जो भगवन शिव को समर्पित हैं।  इस मंदिर में श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं।  इसके अलावा आप यहां से असकोट वन्यजीव अभयारण्य की रोमांचक सैर का आनंद भी उठा सकते हैं।



6. कपिलेश्वर महादेव मंदिर - Kapileshwar Mahadev Mandir, Pithoragarh


कपिलेश्वर महादेव मंदिर, भगवान शिव को समर्पित है और पिथौरागढ़ शहर से लगभग 3 किमी दूर स्थित है। एक घंटे की चढ़ाई आपको उस स्थान पर ले जाती है जहां मंदिर कपिलेश्वर महादेव गुफा के अंदर स्थित है। गुफा के तल पर, जो 25 फीट से अधिक गहरा है, आप कपिलेश्वर महादेव के रूप में पूजे जाने वाले भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैं जो प्राकृतिक चट्टान से निर्मित हैं। प्राचीन गुफा के अंदर जाना एक रोमांचकारी अनुभव है।  


मंदिर से आप सोर घाटी और बर्फ से ढके हिमालय के मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। जैसे-जैसे आप पहाड़ी पर चढ़ते जाते हैं, दृश्य और शानदार होते चले जाते हैं। साथ ही यहाँ से आप ध्वज मंदिर को भी देख सकते हैं।  गहरी गुफा में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए संकरी गुफाओं को पार करना पड़ता है ।  




7. चौकोरी - Chaukori, Pithoragarh


हिमालय के हृदय स्थल में बसा चौकोरी विशाल हिमालय की अद्भुत पहाड़ियों और वनस्पतियां से घिरा हुआ है । चौकोरी हिल स्टेशन यहां आने वाले सैलानियों को नंदा देवी, नंदा कोट और पंचकुला पहाड़ियों के मनोरम दृश्यों को देखने का अवसर प्रदान करता है। यह हिल स्टेशन समुद्र तल से लगभग 2,010 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह पिथौरागढ़ से 83 किमी की दूरी पर स्थित है। चौकोरी कुमाऊं के उन चुनिंदा स्थानों में आता है, जहां आप खूबसूरत हरे-भरे बागों के साथ चाय के बागान भी देख सकते हैं। 



हिमालय की शानदार पहाड़ियों के बीच रिफ्रेशिंग माहौल का आनंद लेने के लिए आप यहां की यात्रा कर सकते हैं। यहां से सूर्योदय का दृश्य देखने लायक होता है, जिस वक्त सूर्य की किरणें हिमालय की बर्फीली सफेद पहाड़ियों को सुनहरा करने का काम करती हैं।


चौकोरी एक शानदार हिल स्टेशन है, जहां आप प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद उठाने के साथ-साथ कई तरह की एडवेंचरस एक्टिविटीज भी कर सकते हैं। 



नेचर वॉक - चौकोरी एक हिल स्टेशन है जो हिमालय पहाड़ियों के साथ हरी-भरी वनस्पतियों से घिरा है, इसलिए आप यहां नेचर वॉक का एक आरामदायक अनुभव ले सकते हैं। प्रकृति के साथ कमदताल करना काफी शानदार अनुभव है। पहाड़ियों, बर्फ से ढकी चोटियों और हरे-भरे जंगलों के बीच नेचर वॉक आपके जीवन के सबसे यादगार लम्हों में शामिल हो सकता है। 



फोटोग्राफी - चूंकि यह एक प्राकृतिक स्थल है इसलिए आप यहां अपने फोटोग्रामी के शौक को भी पूरा कर सकते हैं। यह स्थल नंदा देवी, नंदा कोट, चौखंबा और पंचकुला पहाड़ियां को कैमरे में उतराने के लिए सबसे बेस्ट लोकेशन प्रदान करता है। हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां को यहां आने वाले फोटोग्राफरों को काफी ज्यादा उत्साहित करने का काम करती हैं। 



गांव भ्रमण - उपरोक्त गतिविधियों के अलावा आप यहां चौकोर गांव का भ्रमण कर सकते हैं। कुमाऊंनी कला, संस्कृति और परंपराओं को समझने के लिए गांव भ्रमण एक आदर्श चुनाव रहेगा। अगर आप उत्तराखंड और पहाड़ी संस्कृति को करीब से देखना और महसूस करने चाहते हैं तो यहां के आसपास के ग्रामीण इलाकों में जरूर जाएं।



8. जौलजीबी - Jauljibi, Pithoragarh


जौलजीबी एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जो पिथौरागढ़ से 68 किमी की दूरी पर बसा हुआ है । यह स्थान गोरी और काली नदियों के संगम पर स्थित है । यहाँ प्रत्येक वर्ष एक प्रसिद्ध मेला आयोजित किया जाता है, जो संपूर्ण भारत के साथ ही नेपाल के लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है। 

Jauljibi Mela Pithoragarh, Uttarakhand


अभिलेखों के अनुसार, इस मेले का आयोजन पहली बार 1 नवंबर,1914 को हुआ था। पिथौरागढ़ में हर साल इस दस दिवसीय जौलजीबी मेले का आयोजन होता है जिसमें आपको भारत, नेपाल, और साथ ही चीन की संस्कृतियों का संगम देखने को मिलेगा।  अगर आपको संस्कृति और प्रकृति दोनों से बेपनाह मोहब्‍बत है तो पिथौरागढ़ में चल रहे 'जौलजीबी' मेले को आपको अपनी ट्रैवल लिस्‍ट में ऐड ऑन कर लेना चाहिए। 


इस मेले में आपको कई तरह की हस्‍तनिर्मित वस्‍तुएं आसानी से अच्छे दामों पर मिल जाएँगी। यहाँ प्रतिवर्ष 14 नवम्बर, बाल दिवस के अवसर पर यह प्रसिद्ध मेला आयोजित किया जाता है। 


जौलजीबी से 10 किमी की दूरी पर एक और अन्य पर्यटक स्थल है जिसे 'कालापानी की पहाड़ी' के नाम से जाना जाता है। यहाँ एक गर्म पानी का स्रोत है, जिसे औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है। इसके पास ही स्थित व्यास गुफा को भी घूमने के लिहाज से अतिउत्तम माना जाता है।




9. गंगोलीहाट - Gangolihaat, Pithoragarh


गंगोलीहाट, भारत के उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक छोटा हिमालयी पहाड़ी शहर है जो पिथौरागढ़ से 76 किमी दूर स्थित है । गंगोलीहाट अपने प्राचीन मंदिरों और भूमिगत गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है। 'हाट कालिका', 'अंबिका देवल', 'चामुंडा मंदिर', 'वैष्णवी मंदिर' यहां के कुछ प्रसिद्ध मंदिर हैं। 'वैष्णवी मंदिर' से कोई भी हिमालय को स्पष्ट रूप से देख सकता है।  यह मंदिर एक पर्वत पर स्थित है जिसे 'शैल पर्वत' कहा जाता है, जो हिंदू पवित्र पुस्तकों में उल्लेखनीय है। 


गंगोलीहाट में कई सुंदर भूमिगत गुफाएँ हैं जैसे - पाताल भुवनेश्वर, शैलाशवर गुफ़ा और मुक्तेश्वर गुफ़ा।  हाल ही में एक नई भूमिगत गुफा भी मिली है और जिसे 'भोलेश्वर गुफ़ा' कहा जाता है।


गंगोलीहाट "हाट कालिका" देवी काली के शक्ति पीठ के लिए प्रसिद्ध है । महाकाली शक्तिपीठ की स्थापना के लिए शंकराचार्य ने 'हाट कालिका मंदिर' चुना था । यह मंदिर पूरे भारत में विशेष रूप से भारतीय सेना बलों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। 



10. अस्कोट वन्य जीव अभ्यारण्य - Askot Musk Deer Sanctuary, Pithoragarh


अस्कोट अभयारण्य पिथौरागढ़ शहर से लगभग 54 किलोमीटर दूर स्थित है और यह अभयारण्य समुद्र तल से 5412 फीट की ऊंचाई पर स्थित है । अस्कोट अभयारण्य 600 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है।  यह सुंदर पर्यटक स्थल वन्यजीव उत्साही और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक प्रसिद्ध स्थान है । अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य 1986 में कस्तूरी हिरण और इसके आवास के संरक्षण के उद्देश्य से स्थापित किया गया था | 


यह खूबसूरत जगह हिम तेंदुए , हिमालयी काले भालू , कस्तूरी हिरण, ताहर, भरल, चिर, कोक्ला, फीसेंट और चोकर्स के लिए एक स्वर्ग है | अस्कोट अभयारण्य जड़ी बूटियों, झाड़ियों, पेड़ों और पर्वतारोहियों के लिए एक बड़े संग्रह के रूप में आशीर्वाद हैं | इस अभयारण्य से आसपास के हिमालय के दृश्यों को बहुत अच्छी तरह से देखा जा सकता है। 



तो ये हैं पिथौरागढ़ के कुछ बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल जहाँ पर आप अपने दोस्तों या परिवार के साथ सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। इन पर्यटन स्थलों के अलावा पिथौरागढ़ के कौनसे पर्यटन स्थल आपको पसंद आये कमेंट सेक्शन में हमें जरूर बताएं। 

1 comment:

  1. I have found that this site is very informative, interesting and very well written. keep up the nice high quality writing Best Whey Protein Isolate

    ReplyDelete