Breaking News

'Oho' Radio - Uttarakhand's First Digital Radio Coming Soon

'Oho' रेडियो - उत्तराखंड का पहला डिजिटल रेडियो जल्द ही आ रहा है

जब भी हम कोई नयी शुरुआत करना चाहते हैं तो उसके लिए तीन चीज़ों की ख़ास जरूरत होती है - अच्छी तैयारी, समर्पण और बलिदान | आज जिस शख्सियत के बारे में हम बात करने जा रहे हैं उनमें ये सभी गुण विद्यमान हैं | जी हाँ हम बात कर रहे हैं आरजे काव्य (कविंद्र सिंह) जी की जो कि 'उत्तर का पुत्तर' नाम से भी काफी विख्यात हैं | 


'उतर का पुत्तर' (Uttar Ka Puttar) नाम का यूट्युब चैनल का संचालन आरजे काव्य द्वारा ही किया जाता है | आरजे काव्य ने 9 नवंबर 2020 'उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस' के दिन अपने यूट्युब चैनल 'उतर का पुत्तर' के माध्यम से ये घोषणा की कि वे बहुत ही जल्द उत्तराखंड के पहले डिजिटल रेडियो स्टेशन को लांच करने जा रहे हैं |


RJ Kaavya 'Uttar Ka Puttar'


काव्य अपने निर्देशन में बहुत ही जल्द एक रेडियो स्टेशन का शुभारम्भ करने जा रहे हैं और ये हमारे पहाड़ी राज्य उत्तराखंड का अपना पहला डिजिटल रेडियो स्टेशन / इंटरनेट रेडियो / एक ऐप आधारित हिंदी रेडियो स्टेशन होगा जिसका नाम ओहो रेडियो (Oho Radio) होगा | साथ ही इसमें राज्य की लोकभाषाओं को भी प्रोत्साहित किया जायेगा |




काव्य पहले भी कई माध्यमों जैसे रेडियो, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों, उद्यमियों, खिलाड़ियों, और अन्य प्रतिभावान व्यक्तियों को प्रोत्साहित करते आ रहे हैं | उनकी हमेशा से यही कोशिश रही है कि उत्तराखंड और यहाँ के निवासियों को देश व विश्व पटल पर अच्छी पहचान मिल सके | 


वे हमेशा से उत्तराखंड की संस्कृति को सभी लोगों तक पहुँचाने का काम करते आ रहे हैं और उनकी इसी कोशिश का नतीजा है कि अब बहुत ही जल्द उत्तराखंड को अपना पहला डिजिटल रेडियो स्टेशन मिलने जा रहा है | इस से अच्छी बात हमारे राज्य के लिए और क्या हो सकती है | निश्चित रूप से काव्य का यह कदम सराहनीय है | अगर इसी तरह के कुछ और लोग भी काव्य की अपनी पहाड़ी संस्कृति को बचाने की मुहीम से जुड़ जायें  तो फिर सोने पर सुहागा है | 


काव्य बताते हैं कि " इस पहल के पीछे का विचार संपूर्ण उत्तराखंड तक पहुंचना है और मनोरंजन और सूचना व्यक्तियों तक कैसे पहुंचता है, इस खेल को बदलना है।" ओहो रेडियो के संस्थापक और निदेशक, आरजे काव्य आगे बताते हैं कि, "फ़्रीक्वेंसी रेडियो स्टेशन हमारे संपर्क को सीमित करते हैं विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में | लेकिन उत्तराखंड में डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में, डिजिटल रेडियो स्टेशन के माध्यम से हमारी पहुंच अभूतपूर्व है | हमने मोबाइल फोन और इंटरनेट की सुविधा उत्तराखंड के दूरस्थ गाँवों तक में उपलब्ध कराई है और डिजिटल रेडियो शुरू किया है | ”




‘ओहो’ डिजिटल रेडियो के माध्यम से सूचना और शिक्षा में क्रांति लाने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य राज्य के लोक संगीत, लोक नृत्य, और उत्तराखंड के अन्य सांस्कृतिक पहलुओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ-साथ शिक्षा से लेकर नौकरी, खेती, संस्कृति, पर्यटन, स्वास्थ्य तक की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करना है |


"ओहो का मकसद लोगों को सही समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराना है ताकि वे नौकरी के सुअवसरों, अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को जानकर उनका लाभ उठा सकें | सरकार की तरफ से आते रहने वाली स्कीम के बारे में अपडेट रहें | उन्हें हर एक जानकारी सही समय पर मिल सके चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न रहते हों |


काव्य ने देश के अलग-अलग हिस्सों जैसे कि जयपुर, कोलकाता, नई दिल्ली में एक आरजे के तौर पर कई वर्षों तक कार्य किया है और वे अपने इसी अनुभव और अपने साथियों साथ मिलकर अपने नए रेडियो स्टेशन को नयी ऊंचाइयों पर जरूर पहुंचाएंगे | हम सभी अपनी ओर से आरजे काव्य और उनकी पूरी टीम को बधाइयाँ देते हैं और ईश्वर से कामना करते हैं कि उनका ये रेडियो स्टेशन नित नयी ऊंचाइयों को छुए |




तो दोस्तों अब उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और टीम 'ओहो' बहुत ही जल्द जनवरी 2021 में 'ऑन-एयर' हो जाएगी | बस कुछ दिनों का और इंतज़ार फिर हमारे अपने पहाड़ का पहाड़ी बेटे द्वारा शुरू किया गया डिजिटल रेडियो स्टेशन के संचालन का होगा शुभारम्भ | 


तो देर किस बात की आप भी अपने राज्य के इस पहले डिजिटल रेडियो स्टेशन को बढ़ावा दीजिये और इसकी जानकारी अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर कीजिये | अपनी पहाड़ी संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में आप भी एक कदम बढ़ाइए | 


Also, read other articles :


No comments