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उत्तराखंड की टिहरी नथ - इतिहास, परंपरा, एवं तथ्य

Tehri Nath of Uttarakhand - History, Designs, Traditional Jewelry of Uttarakhand

जब एक गढ़वाली दुल्हन अपनी शादी के दिन सजधज कर स्टेज की ओर एंट्री लेती है तो शादी में आये सभी मेहमान दुल्हन के साथ-साथ ही गढ़वाल के सबसे प्रमुख आभूषण की झलक पाने के लिए अपना सिर घुमाते हैं और ये आभूषण कहलाता है - 'टिहरी नथ' है और इसे गढ़वाली बोली में 'नथुली' के नाम से भी जाना जाता है।

एक गढ़वाली लोकगीत जिसमे टिहरी नथ के बारे में कहा गया है उसके बोल कुछ इस तरह से है-

ओ गैल्या मेरा मीकू नथूली बणे दे, नथूली पर टिहरी की गढ़ई गढ़ै दे...अर्थात एक पत्नी अपने पति से कहती है कि हे मेरे पतिदेव ! मेरे लिये नथ बनवा दो और नथ पर टिहरी के डिजाइन को गढ़वा दो | 


Tehri Nath - History And Designs



 

आज मैं अपने इस लेख के माध्यम से उत्तराखंड में लोक संस्कृति के रंग बिखेरती टिहरी की नथ के बारे जानकारी दूंगी | वैसे तो दुल्हन के 16 श्रृंगार होते हैं और दुल्हन को सजाने में हर एक आभूषण का अपना एक अलग ही महत्व होता है परंतु नथ नाक में पहने जाने वाला एक ऐसा आभूषण है जो दुल्हन के साज श्रृंगार को कई गुना बढ़ाने के साथ ही उनके साज-श्रृंगार को संपूर्ण बनाता है | अगर हम बात करें उत्तराखंड की तो गढ़वाल हो चाहे कुमाऊँ या फिर कोई अन्य स्थान तो हर एक जगह में नथ पहने जाने का विशेष महत्व है | ना सिर्फ शादी ब्याह में बल्कि घर में होने वाले हर पारिवारिक समारोह में घर की सभी महिलाएं नथ पहनने को तरजीह देती है | गढ़वाली महिलाएं अधिकतर  टिहरी की नथ को ही अपने नाक पर सजाना पसंद करती हैं | 


Garhwali Nath - Tehri Nath

जी हां जो टिहरी नथ अपने अनोखे डिजाइन और सुंदर कारीगरी के लिए ना केवल उत्तराखंड में बल्कि देश के कई अन्य इलाकों में भी महिलाओं की पहली पसंद में शुमार है और ऐसा नहीं है कि टिहरी नथ को सिर्फ बुजुर्गों या बड़ी उम्र की महिलाओं द्वारा ही पसंद किया जाता है | 


आलम यह है कि घर में शादी है तो लड़की घरवालों से टिहरी के डिजाइन की नथ की ही फरमाइश करती है और कुछ लड़कियां तो इस नथ को पहनने को लेकर इतनी उत्सुक रहती है कि यहाँ तक कहती हैं कि सिर्फ टिहरी नथ की वजह से ही शादी कर रही हूँ या फिर कुछ लड़कियां अपने घरवालों को ये तक कहती हुई नज़र आती हैं कि मेरे लिए टिहरी नथ बनवाओगे तब ही मैं शादी करुँगी | खैर ये तो बात हुई कुछ हंसी मजाक की लेकिन सच में टिहरी नथ का जो क्रेज है ये आपको हर एक ऐज ग्रुप की महिलाओं में देखने को मिल जायेगा |




'टिहरी नथ' गढ़वाली महिलाओं का आकर्षण - Tehri Nath (Traditional Jewelry of Uttarakhand)

टिहरी नथ या नथुली ’गढ़वाली महिलाओं का एक प्रमुख आभूषण है जो अपनी सुरुचिपूर्ण शैली के लिए जानी जाती है। यह नाक में धारण की जाती है है | टिहरी नाथ को सोने और मोती से तैयार किया जाता है | इस  आभूषण को चाँद के आकार में बेहद खूबसूरती से ढाला गया है। टिहरी नथ गढ़वाल की महिलाओं द्वारा पहना जाता है और अपने कलात्मक मूल्य के लिए यह पूरे उत्तराखंड में प्रसिद्ध है। टिहरी नथ की दीवानगी ऐसी है कि लोग इस अत्यंत सुंदर नथ को निहारने के लिए बहुत उत्सुक नज़र आते हैं | इसकी सुप्रसिद्धि का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ गढ़वाली महिलाएं ही नहीं बल्कि अन्य महिलाएं भी इसको पहनना पसंद करती हैं | 


टिहरी नथ का महत्व - Importance of Tehri Nath

उत्तराखंड के लोग अपनी संस्कृति में गहराई से निहित हैं और टिहरी नथ को महिलाओं का एक बेहद महत्वपूर्ण आभूषण माना जाता है | इस नाथ में उनकी समृद्ध संस्कृति को दर्शाया गया है। टिहरी नथ की विशिष्टता यह है कि यह गढ़वाल की शहरी और ग्रामीण दोनों महिलाओं के द्वारा पसंद कि जाती है ।सभी महिलाएं इस नथ को अपने नाक पर सजाने के लिए आतुर नज़र आती हैं और हो भी क्यों ना | इसका डिज़ाइन, इसकी सुन्दर शैली इसे स्वतः ही आकर्षण का केंद्र जो बनती है |  


यह एक पारंपरिक आभूषण है जो पीढ़ियों से चला आ रहा है | पहले की महिलाएं भी इसे पहनना पसंद करती थी और आज की महिलाओं में भी इसका उतना ही क्रेज है | हालाँकि वक्त के साथ इसके डिज़ाइन चेंज होते रहे हैं | टिहरी नथ के आपको बाज़ार में कई सारे डिज़ाइन देखने को मिलेंगे और आजकल कई महिलाएं इस नथ को अपने हिसाब से कस्टमाइज भी करना पसंद करती है ताकि वे अपने

हिसाब से अपना लुक भी तैयार कर सकें और अपनी संस्कृति से भी जुड़े रहे | 


Pahadi Nath Design - Tehri Nath

टिहरी नथ उत्तराखंड के बहुमूल्य आभूषणों में से एक है जो शादी, सामाजिक समारोहों, पूजा, पारिवारिक कार्यों, नामकरण संस्कार, और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के समय घर की महिलाओं के द्वारा पहना जाता है। पहले के समय में एक नथ का वजन और उसमें सुशोभित मोती की संख्या दुल्हन के परिवार की स्थिति से जुड़ी होती थी  मतलब परिवार आर्थिक रूप से जितना मजबूत होगा उस परिवार की बेटियों की नथ उतनी ही बड़ी और भरी होगी | 


खास तौर पर उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इस आभूषण को अप्रत्यक्ष रुप से दहेज का माध्यम भी समझा जाता है | मान्यता है कि जिस दुल्हन की नथ आकार में जितनी बड़ी और भारी होगी वह उतने ही संपन्न परिवार से समझी जाती है | यानि कि शादी में दुल्हन की नथ के आकार को देखकर ही दुल्हन के परिवार की आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है | हालाँकि आज के समय में यह स्थिति आपको देखने को नहीं मिलेगी | आज की महिलाएं अपने लिए अपने अनुसार नथ का डिज़ाइन बनवाना चाहती हैं जिसमें वे खूबसूरत भी लगे और साथ ही कम्फ़र्टेबल भी रहे |


Traditional Jewellery of Uttarakhand

दुल्हन का परिवार डिजाइन और उसमें इस्तेमाल किये गए सोने की मात्रा के अनुसार इसकी कीमत चुकाते हैं | टिहरी नथ न केवल गढ़वाल की समृद्ध संस्कृति को दर्शाता है, बल्कि यह अपनी खूबसूरती के लिए भी जानी जाती है | वर्तमान में आपको देखने को मिलेगा कि कई गैर-गढ़वाली दुल्हनें भी इसे पहनना पसंद करती हैं | 


इस नथ को जो भी महिला नाक में पहनती है यह उसकी खूबसूरती में वाकई में चार चाँद लगा देती हैं | अब, शादी में टिहरी नाथ को अपने नाक पर सजाना एक फैशन ट्रेंड सा बन गया है। शादी-ब्याह हो या फिर अन्य कोई शुभ अवसर गढ़वाली महिलाएँ अपने पारंपरिक परिधानों में सजती हैं और अपने नाक पर टेहरी नथ को सजाती हैं | 




अब बात करते हैं कि टिहरी की नथ बाकी अन्य नथों से अलग कैसे है - Speciality of Tehri Nath

आज के मॉडर्न ज़माने के हिसाब से टिहरी नथ के डिज़ाइन में भी कई तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं | दुल्हनों के टेस्ट के अनुसार टिहरी नथ का आकार पिछले कुछ वर्षों में बदल गया है | आधुनिक डिजाइन मांग में हैं, लेकिन पारंपरिक नथ अधिक सुंदर दिखती हैं क्योंकि उसमें गढ़वाली संस्कृति का स्पर्श होता है | बदलते युग के साथ, बाजार में बहुत सारे नए डिजाइन आ गए हैं | वर्तमान में आपको टिहरी नथ के 50 से भी ज़्यादा डिजाइन बाजार में देखने को मिल जायेंगे | चूंकि बहुत सी लड़कियों को बड़े और भारी-भरकम गहनों को पहनना मुश्किल लगता था इस वजह से अब बाज़ारों में भी नए पैटर्न में डिज़ाइन उपलब्ध हैं | 


टिहरी नथ डिजाइन - Tehri Nath Designs

टिहरी नथ अन्य नथों की अपेक्षा काफी बड़ी और भरे हुए डिजाइन में गढ़ी हुई होती है जिस कारण यह काफी आकर्षक लगती है | इसका शानदार भव्य रुप और इसमें की गयी अनोखी कारीगरी ही इसे दूसरी नथों की तुलना विशेष बनती है | अगर हम पारंपरिक डिजाइन की बात करें तो पहले टिहरी की नथ में सोने और लाल मणियों के अतिरिक्त लाल कुंदन और सफेद रंग के मोतियों का भी इस्तेमाल किया जाता था जिससे यह काफी आकर्षक दिखाई देती थी |

 

हालाँकि आज समय के हिसाब से इस नथ में काफी बदलाव आये हैं | वर्तमान में टिहरी की नथ में सुंदर मोर के डिजाइन, फ्लोरल आर्ट तथा नेचर से जुड़े हुए विभिन्न कलाकृतियों को प्राथमिकता दी जाती है | सोने की झालर और मोतियों की लड़ी से इसकी शोभा देखते ही बनती है और इसे पहनते ही पहनने वाली महिला की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं |




Peacock Nath Design

गढ़वाली लोगों द्वारा पालन की जाने वाली परंपराओं के अनुसार, दुल्हन के मामा उसकी शादी के दिन दुल्हन को नथ उपहार में देते हैं। दुल्हन के लिए नथ उसके मामा पक्ष की ओर से दुल्हन को भेंट-स्वरुप दी जाती है | यह गणेश पूजा के समय दुल्हन के द्वारा पहनी जाती है, जब दुल्हन को शादी के सभी आभूषणों से सजाया जाता है | 


फेरों के समय में दुल्हन अपने सभी आभूषणों को पहनकर दूल्हे संग अग्नि के सामने वचन लेते हैं | यह एक तरह से दोनों के मिलन का प्रतीक होता है | नथ को मात्र एक आभूषण नहीं बल्कि विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक माना जाता है | इस प्रकार प्रत्येक विवाहित स्त्री के लिए उसकी नथ अत्यंत प्रिय होती है | हर खास मौके पर पहाड़ों में नथ को पहनने का रिवाज है | इस प्रकार से टिहरी की नथ मात्र एक आभूषण नहीं बल्कि नारीत्व का एहसास कराने वाला तथा दुनिया भर में उत्तराखंड की लोक संस्कृति बिखेरने वाला आभूषण है | 


तो आप भी इस नथ को जरुर अपने ज्वेलरी कलेक्शन में शामिल कर लीजिये और फिर देखिये किसी भी फंक्शन में आप सबसे अलग और खूबसूरत दिखेंगी |


आप उत्तराखंड की टिहरी नथ से जुड़ी वीडियो को हमारे Youtube Channel 'UK Video World' में भी देख सकते हैं | 





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