Breaking News

Chakrata Tour Guide In Hindi

Chakrata Tour Guide

अगर आप भी शांत और अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य वाली जगह में घूमने का मन बना रहे हैं तो आपको चकराता जरूर आना चाहिए । चकराता उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित एक हिल स्टेशन है। चकराता अपने शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जाना जाता है । यह समुद्र तल से 7000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। टोंस और यमुना नदियों के बीच बसा यह क्षेत्र देहरादून से 98 किमी की दूरी पर स्थित है । यह स्कीइंग और ट्रेकिंग के लिए एक आदर्श स्थान है । ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1815 में जौनसार-बावर को अपने अधीन ले लिया था । चकराता को ब्रिटिश काल में ही छावनी क्षेत्र के रूप में बसाया गया । 


chakrata market  mundali chakrata  chakrata hotels  chakrata height  lokhandi, chakrata  history of chakrata  chakrata height in feet  lansdowne or chakrata


55वीं सिरमौर रेजीमेंट के कर्नल एच.रॉबर्ट ह्यूम ने वर्ष 1869 में चकराता छावनी की स्थापना की थी। चकराता के क्षेत्र को जौनसार-बावर के नाम से भी जाना जाता है । प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग में रुचि लेने वालों के लिए चकराता बेस्ट लोकेशन है | यदि आप कुदरती खूबसूरती के साथ-साथ रोमांचक खेलों का लुत्फ भी उठाना चाहते हैं तो इस लिहाज से भी चकराता एकदम उपयुक्त स्थान है । चकराता में आप कैंपिंग, राफ्टिंग, ट्रेकिंग, रैपलिंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसे साहसिक और रोमांचक खेलों का लुत्फ़ उठा सकते हैं | चलिए अब आपको बताते हैं चकराता के प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में |



Chakrata Best Places To Visit - चकराता के प्रमुख पर्यटन स्थल


1. टाइगर फॉल्स, चकराता (Tiger Falls, Chakrata)

टाइगर फॉल्स चकराता से 20 किमी दूर स्थित है। यहां 5 किमी का ट्रेक रूट है जो आपको चकराता से टाइगर फॉल्स तक ले जाएगा। यह 312 फीट की औसत ऊंचाई पर स्थित है। यह भारत के उच्चतम डायरेक्ट फॉल में से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी शेर की दहाड़ जैसी आवाज है। यदि आप यहां से गुजरते हैं तो इसकी आवाज आपको अपनी ओर खींच लाएगी। टाइगर फॉल्स को क्षेत्रीय भाषा में कैलू पछाड़ या कैराव पछाड़ के नाम से जाना जाता है। लगभग 100 मीटर के पहाड़ की उँचाई से गिरता यह झरना उत्तराखंड का सबसे उँचा डायरेक्ट फॉल है।


2. लाखामंडल, चकराता (Lakhamandal, Chakrata)

लाखामंडल एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो चकराता से 35 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और महाभारत के पांडवों से जुड़ा हुआ है। मंदिर उत्तर भारतीय वास्तुकला शैली में बनाया गया है। यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख में है। चकराता से 62 किमी. दूर समुद्र तल से 1372 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है लाखामंडल। लाखामंडल के इस पूरे क्षेत्र में सवा लाख शिवलिंगों का संग्रह है। यमुना नदी के किनारे बसे लाखामंडल के प्राचीन शिव मंदिर की ऊंचाई 18.5 फीट है। छत्र शैली में बने इस शिव मंदिर का निर्माण सिंहपुर के यादव राजवंश की राजकुमारी ईश्वरा ने अपने पति जालंधर के राजा चंद्रगुप्त की स्मृति में करवाया था। मंदिर बड़े शिलाखंडों से निर्मित है। यहां मिले शिलालेख में ब्राह्मी लिपि व संस्कृत भाषा का उल्लेख है। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी लाखामंडल की यात्रा की थी। मंदिर को आठवीं सदी का बताया जाता है। हालांकि स्थानीय लोग इसे पांडवकालीन बताते हैं।


3. कानासर, चकराता (Kanasar, Chakrata)

कानासर देवदार के पेड़ों के घने जंगल से घिरा हुआ है। कानासर त्यूणी रोड पर चकराता से 25 किमी की दूरी पर स्थित है। कानासर चकराता का एक आदर्श पिकनिक स्थल है। 6.35 मीटर परिधि वाला एशिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा देवदार वृक्ष कानासर में है। यहाँ एक सुंदर बुग्याल (मखमली घास का मैदान) है | समुद्र तल से 8500 फीट की ऊंचाई पर देवदार के जंगलों से घिरे इस बुग्याल को देखना अचरजभरा है। यहां देवदार के 600 वर्ष पुराने वृक्ष आज भी मौजूद हैं ।


4. देवबन, चकराता (Deoban, Chakrata)

देवबन 2,900 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है। यह राजसी हिमालय के अद्भुत दृश्य प्रदान करता है। व्यास शिखर देवबन की सबसे ऊँची चोटी है जहाँ से पर्यटक हिमालय की चोटियों के राजसी दृश्य को देख सकते हैं। देवबन क्षेत्र एक आरक्षित वन है जो देवदार वृक्षों के घने जंगलों से घिरा हुआ है। देवबन क्षेत्र में वनस्पतियों और जीवों की एक विस्तृत विविधता है। देवबन पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों को देखने के लिए एक आदर्श स्थान है। देवबन व कनासर में वन विभाग का ट्रेनिंग कैंप है, जहां वन विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। देवबन एक शांतिपूर्ण वातावरण भी प्रदान करता है जहां आगंतुक प्रकृति के करीब कुछ गुणवत्ता समय बिता सकते हैं। देवबन रात्रि के समय कैंप का मज़ा लेने के लिए सबसे अच्छा क्षेत्र है। 




5. मासु देवता मंदिर (मंझगाँव), चकराता (Massu Devta Temple, Chakrata)

मंझगाँव एक प्राचीन हिंदू मंदिर है जो चकराता से 15 किमी की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंझगांव मंदिर चकराता के स्थानीय लोगों के बीच मासु देवता मंदिर के रूप में लोकप्रिय है।


6. मुंडाली, चकराता (Mundali, Chakrata)

मुंडाली चकराता से 36 किमी की दूरी पर स्थित है। यह सर्दियों के मौसम में मनोरम हिमालय के दृश्यों और स्कीइंग के लिए लोकप्रिय है। यह 2,776 मीटर की ऊंचाई पर स्कीइंग प्रदान करता है। मुंडाली हरे भरे जंगलों से घिरा हुआ है। पर्यटक मुंडाली से हिमालय के शानदार दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। 

मुंडाली चकराता का विशाल घास का मैदान है यहाँ आप ट्रेकिंग द्वारा ही पहुँच सकते हैं। यहाँ आप को ठंड के कई खेलों का आनंद उठाने का मौका मिलेगा। 


मुंडाली-खडंबा में करें ट्रेकिंग (Trekking in Mundali-Khadamba, Chakrata)

यदि आप ट्रेकिंग के शौकीन हैं तो आपका यहाँ आना तो बनता है । यहीं चकराता के समीप लगभग दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित मुंडाली व खडंबा की पहाड़ियां हैं। ये ट्रेकिंग के लिए पंसदीदा जगहें बनती जा रही हैं। यहां आसपास बने लोक देवी-देवताओं के मंदिर भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होते हैं।


7. चिरमिरी, चकराता (Chilmiri, Chakrata)

चिरमिरी चकराता के एक सूर्यास्त बिंदु के रूप में लोकप्रिय है। चिरमिरी से सूर्यास्त का शानदार दृश्य देखा जा सकता है। यह चकराता से 4 किमी दूर स्थित है। चिरमिरी देवदार के पेड़ों के हरे भरे जंगलों से घिरा हुआ है। चकराता की सैर पर आए पर्यटक सूर्यास्त के समय चिरमिरी जाकर प्रकृति को करीब से निहारने का सुख पाते हैं।


चिरमिरी नेक, चकराता (Chilmiri Neck, Chakrata)

चिरमिरी नेक चकराता की सबसे ऊंची चोटी है जो हिमालय के शानदार दृश्य पेश करती है। कुछ चोटियाँ जैसे बंदरपूँछ, रोहिणी चिरमिरी नेक से आसानी से दिखाई देती हैं। यह जगह विभिन्न पक्षियों और रंगीन तितलियों को देखने के लिए भी लोकप्रिय है।


8. महासू देवता मंदिर, हनोल चकराता (Mahasu Devta Temple Hanol, Chakrata)

सिद्धपीठ श्री महासू देवता का मंदिर हनोल में स्थित है । यह मंदिर महासू देवता को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है जो हनोल और आसपास के गांवों के स्थानीय लोगों के आराध्य देव हैं । यह मंदिर 9 वीं शताब्दी में बनाया गया था। इसका निर्माण हुना आर्किटेक्चरल स्टाइल में किया गया था । हनोल चकराता से 94 किमी की दूरी पर स्थित है। मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख में है। यह समुद्र तल से 1,050 मीटर की औसत ऊंचाई पर स्थित है। महासू देवता मंदिर में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहार हैं - बिस्सू, होली, दिवाली, पौष पूर्णिमा और बसंत पंचमी। 




9. बूढ़ेर (मोइला दंडा) (Budher Moila Danda, Chakrata)

चकराता के पास 2800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मखमली घास का मैदान बुधेर (मोइला दंडा) कहलाता है। यहां चूना पत्थर की प्रचुरता की वजह से कई छोटी-बड़ी गुफाएं भी हैं जिन्हे बुढ़ेर केव्स के नाम से जाना जाता है | बूढ़ेर एशिया के बेहतरीन जंगलों में से एक है। ठंड के समय बर्फ से ढक जाने वाले इस क्षेत्र में कई सारे साहसिक ठंड के खेल भी आयोजित किए जाते हैं। यह मैदान देवदार के घने जंगलों से घिरा हुआ है जो एशिया के सबसे उत्तम जंगलों में से एक है। यहां देवदार वन के बीच स्थित चकराता वन प्रभाग द्वारा निर्मित विश्राम गृह में ठहरना भी बेहद सुकूनदायक है।


बुढेर केव्स (Budher Caves, Chakrata)

चकराता से 30 किलोमीटर दूर है बुढेर केव्स यानी बुढेर की गुफाएं जिसे मिओला केव्स भी कहते हैं। अडवेंचर पसंद करने वाले लोग 150 मीटर लंबी इस गुफा में आकर गुफा में घूमने का बेहतरीन एक्सपीरियंस कर सकते हैं। ये गुफाएं मुख्य रूप से चूना पत्थर से बनी हुई हैं।

(Also read: Almora Tour Guide)

10. अनूठी है चीड़ महावृक्ष की समाधि

इस इलाके में एक से बढ़कर एक अचरज भरी चीजें मिलेंगी। जैसे, यदि आप हनोल जा रहे हैं तो यहां से पांच किमी. दूर त्यूणी-पुरोला राजमार्ग पर स्थित खूनीगाड में एशिया महाद्वीप के सबसे ऊंचे चीड़ महावृक्ष की समाधि देख सकते हैं। दरअसल, चीड़ महावृक्ष के धराशायी होने के बाद टोंस वन प्रभाग की ओर से इसकी सभी डाटें यहां सुरक्षित रखी गई हैं । इसके दीदार के लिए देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं ।


स्टार गेजिंग - Stargazing in Chakrata

इन सब पर्यटन स्थलों के अलावा चकराता स्टार गेजिंग के लिए काफी फेमस है। शहर में मौजूद प्रदूषण और रोशनी की चकाचौंध की वजह से अक्सर लोगों को आसमान में तारे नजर नहीं आते लेकिन अगर आप भी खुले आसमान में तारों से भरी रात का अनुभव लेना चाहते हैं तो आपको चकराता जरूर आना चाहिए।




चकराता घूमने का सबसे अच्छा समय - Best time to visit Chakrata

आप पूरे साल चकराता की यात्रा कर सकते हैं। चकराता जाने के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर का समय बेहतर है । मानसून का मौसम सैलानियों के लिए काफी असहज हो सकता है। यहां भारी बर्फबारी होती है। जिसके चलते यहां सैलानियों का जमावड़ा लगता है। 

चकराता एक छावनी क्षेत्र है जो 24 घंटे सेना की रखरखाव में रहता है तो जब भी आप यहाँ जाएँ अपना पहचान पत्र ले जाना न भूलें   |  चकराता आने जाने में विदेशियों को काफी प्रतिबंधों  का सामना करना पड़ता है । एक सैन्य छावनी क्षेत्र होने के नाते, विदेशियों को चकराता घूमने के लिए Commandant 22 Force c/o 56 APO से एक परमिट प्राप्त करना आवश्यक है।कभी यहाँ की सेना छोटे से शक़ होने पर भी जाँच पड़ताल कर सकती है।


ग्रीष्मकाल में चकराता - Chakrata in Summer

गर्मी के मौसम में चकराता का मौसम सुखद रहता है। गर्मियों के दौरान हिमालय की चोटियों के आकर्षक दृश्य आसानी से दिखाई देते हैं। गर्मी के महीनों के दौरान कपास और लाइट वूलेन की आवश्यकता होती है। मार्च के महीने से जून तक चकराता में गर्मी के महीने रहते हैं।


सर्दियों में चकराता - Chakrata in Winetr

सर्दियों के मौसम में चकराता में भारी बर्फबारी होती है। सर्दियों के मौसम में चकराता से हिमालय की चोटियों का हिम-छाया हुआ दृश्य दिखाई देता है। सर्दियों के मौसम में भारी ऊनी कपड़ों की आवश्यकता होती है। आगंतुक सर्दियों के महीनों के दौरान बोनफायर रात का भी आनंद ले सकते हैं। चकराता में सर्दियों के महीने अक्टूबर से फरवरी तक रहते हैं।

मानसून में चकराता - Chakrata in Monsoon

भूस्खलन के कारण सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं लेकिन मानसून के मौसम में चकराता में प्रकृति की सुंदरता देखने लायक है। जुलाई के महीने से मानसून के महीने चकराता में सितंबर तक रहते हैं।


तो आप अब जब भी कभी उत्तराखंड या देहरादून के नज़ारों का मज़ा लेने के लिए वहाँ की यात्रा की योजना बनाएँ तो इस क्षेत्र को अपनी योजना में शामिल करना ना भूलें और साथ ही साथ अपने पहचान पत्र लेना ना भूलें, क्युंकि जैसा कि ऊपर बताया गया है, यह एक छावनी क्षेत्र है तो यहाँ की सेना कभी भी छोटे से शक़ होने पर भी आपकी जाँच पड़ताल कर सकती है।




चकराता पहुँचें कैसे - How to reach Chakrata? 

सड़क यात्रा द्वारा - Chakrata by road

दिल्ली और उत्तराखंड के कई मुख्य क्षेत्रों से चकराता तक के लिए कई सारी बस सुविधाएँ उपलब्ध हैं। आप निजी गाड़ी द्वारा भी यहाँ तक की यात्रा कर सकते हैं, पर निजी गाड़ी से जाने से पहले पेट्रोल या डीज़ल भरपूर मात्रा में अपनी गाड़ी में उपलब्ध करा लें क्युंकि आपको चकराता में पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं मिलेगी। 


रेल यात्रा द्वारा - Chakrata by train

चकराता का सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है देहरादून का रेलवे स्टेशन। यहाँ पहुँच कर आप किसी भी निजी गाड़ी या बस की सुविधा द्वारा आराम से यहाँ पहुँच सकते हैं। देहरादून तक के लिए ट्रेन की सुविधा हर जगह से आसानी से उपलब्ध है। 

हवाई यात्रा द्वारा - Chakrata by air

जॉली ग्रांट एयरपोर्ट चकराता का सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है, जो लगभग 113 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ पहुँच कर आपको टैक्सी की सुविधा आराम से मिल जाएगी ।


चकराता अपने प्रदूषण मुक्त प्राकृतिक सौंदर्य के लिए लोकप्रिय है । चकराता प्रकृति प्रेमियों, एडवेंचर लवर्स और वाइल्डलाइफ के शौकीनों के लिए एक परफेक्ट प्लेस है तो आप भी उत्तराखंड की इस ऑफबीट डेस्टिनेशन में जरूर घूमने जाएं | आप भी कुछ पल शांति में बिताने के लिए चकराता का रुख कर सकते हैं | यहाँ की खूबसूरत वादियां आपके मन को शान्ति और सुकून से भर देंगी |


Also, read some other tour and travel articles :

No comments