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Diwali Laxmi Pooja 2019


Diwali Laxmi Pooja 2019

Diwali Laxmi Pooja 2019 Date

इस वर्ष लक्ष्मी पूजन की तिथि 27 OCT 2019 को है | 

Diwali Laxmi Pooja 2019 Time

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 5:57 pm से 7:53 pm तक है |


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Diwali Laxmi Pooja Katha in Hindi

प्राचीन कथाओं के अनुसार एक साहूकार था जिसकी जिसकी बेटी प्रतिदिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने के लिए जाती थी और पीपल  के पेड़ पर माता लक्ष्मी जी का वास था | एक दिन जब लक्ष्मी जी ने साहूकार की बेटी को अपनी सहेली बनने के लिए कहा तो साहूकार की बेटी ने लक्ष्मी जी से कहा कि मैं कल अपने पिता से इस बारे में पूछ कर ही आपको उत्तर दूंगी और घर जाकर साहूकार की बेटी ने साहूकार को बताया कि पीपल पर एक स्त्री उसे अपनी सहेली बनाना चाहती है तो उसके पिता ने यह बात सुनकर हां कर दिया |


दूसरे दिन साहूकार की बेटी जब पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने के लिए गई तो उसने माता लक्ष्मी को अपनी सहेली बनाना स्वीकार कर लिया | बाद में एक दिन माता लक्ष्मी साहूकार की बेटी को अपने घर लेकर जाती हैं | वहां पर उसे ओढ़ने के लिए शाल दुशाला दे देती है | सोने की बनी हुई चौकी पर उसको बैठाती है और सोने की ही थाली में बहुत सारे व्यंजन बनाकर उसे खिलाती हैं | जब साहूकार की बेटी खाने के बाद अपने घर लौटने लगती है तो उसी वक्त लक्ष्मी जी उससे पूछती हैं कि वह उन्हें अपने घर कब बुला रही हैं ?


तो पहले तो साहूकार की बेटी आनाकानी करती है लेकिन फिर हां कर देती है | उसके बाद घर जाकर वह कुछ परेशान सी हो जाती है तो साहूकार अपनी बेटी को देखकर उससे पूछते हैं कि उसने लक्ष्मी जी को घर आने का निमंत्रण तो दे दिया लेकिन अब उदास क्यों बैठी है?

साहूकार की बेटी अपने पिता को बताती है कि लक्ष्मी जी ने उसका बड़ा ही आदर सत्कार किया है | सोने की चौकी पर उसे बिठाया | सोने की थाली में उसे अलग-अलग तरह के बेहद स्वादिष्ट व्यंजन भी कराये | अब उस तरह का आदर-सत्कार वह कैसे कर पाएगी | यह सुनकर साहूकार अपनी बेटी को समझाते हैं कि वह उदास ना हो जितना भी उनसे बन पड़ेगा वह सब करेंगे और उसी हिसाब से वह लक्ष्मी जी की आदर खातिर करेंगे और उसे गोबर मिट्टी से चौका लगाकर सफाई करने और चौमुखा दीपक बनाकर लक्ष्मी जी का नाम लेकर वहीं पर बैठ जाने को कहते हैं |


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इतने में ही एक चील किसी रानी का नौलखा हार लेकर लड़की के पास डाल जाती है | साहूकार की बेटी उस हार को बेचकर सोने की चौकी ले आती है | सोने का थाल और शाल-दुशाला लेकर आ जाती है और साथ ही अनेक तरह के व्यंजन भी बना लेती है | उसके बाद लक्ष्मी जी और गणेश जी साहूकार के घर पर आ जाते हैं | साहूकार की बेटी उन्हें बैठने के लिए सोने की चौकी दे देती है लेकिन लक्ष्मी जी सोने की चौकी में बैठने से मना कर देते हैं और कहते हैं इन सब पर तो राजा और रानी बैठा करते हैं लेकिन साहूकार की बेटी लक्ष्मी जी से सोने की चौकी पर ही बैठने के लिए जिद करने लगती है जिस वजह से लक्ष्मी जी सोने की चौकी पर बैठ जाते हैं | 




Diwali Lakshmi Pooja Katha in Hindi

साहूकार की बेटी पूरे मन से बेहद अच्छे तरीके से लक्ष्मी जी और गणेश जी का आदर सत्कार करती हैं जिस वजह से लक्ष्मी जी उनसे बहुत प्रसन्न हो जाती हैं और साहूकार को अमीर बना देती हैं और इसी कथा के मान्यता के आधार पर आज भी लोग दिवाली के दिन लक्ष्मी मां की पूजा करते हैं और चाहते हैं कि जिस तरह साहूकार की बेटी की चौकी को माता ने स्वीकार किया और उसे बहुत सारा धन दिया | वैसे ही माता सबका कल्याण करें और सब को धन-धान्य से भरे |

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