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Hilans Biscuit - हिलांस बिस्कुट, पहाड़ी महिलाओं ने किया ऐसा कमाल 'मोदी जी ने भी की सराहना'


Hilans Biscuit - हिलांस बिस्कुट, पहाड़ी महिलाओं ने किया ऐसा कमाल 'मोदी जी ने भी की सराहना'

हिलांस बिस्कुट,  बागेश्वर - Hilans Biscuit, Bageshwar (Uttarakhand)

पहाड़ की नारी, सब पर भारी ये बात बागेश्वर की महिलाओं ने साबित कर दिखाई हैं | जी हाँ हम बात कर रहे हैं सरयू घाटी बागेश्वर की जहाँ के लोगों ने अपने लिए रोजगार के अवसर खुद ही ढूंढ लिए और अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल लिया |


मंडुए (कोदे) के बिस्कुट 


बागेश्वर के निवासियों ने अनाज के बिस्कुट बनाने शुरू किये और बिस्कुट की एक फैक्ट्री खोल ली | जिन अनाजों के बिस्कुट इनके द्वारा तैयार किये जा रहे हैं वे हैं - मंडुआ, जौं, चौलाई और मक्का | इनकी मेहनत रंग लाने लगी | बागेश्वर के लगभग चौबीस गांव इस मुहिम से जुड़ चुके हैं और लगभग 952 लोग इस मुहीम से जुड़े हुए हैं  | सबसे बड़ी बात यह है कि इन बिस्किटों को लोगों द्वारा बहुत ज़्यादा पसंद किया जा रहा है |



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माँ चिल्ठा आजीविका स्वायत्त सहकारिता

28 जनवरी 2017 को बागेश्वर के कपकोट तहसील के मुनार गांव में बिस्कुट बनाने की फैक्ट्री को खोला गया | बिस्कुट बनाने की फैक्ट्री का नाम हिलांस बिस्कुट माँ चिल्ठा आजीविका स्वायत्त सहकारिता रखा गया है | फैक्ट्री में मशीने लगायी गयी और बिस्कुट बनाने का काम शुरू कर दिया गया | 


शुद्ध अनाज से बने बिस्कुट

ग्रामीणों द्वारा बनाये गए ये बिस्कुट शुद्ध अनाज से बने है और इन्हे खाना शरीर कि लिए नुकसानदेह नहीं बल्कि लाभकारी है | डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अनाज से बने ये बिस्कुट बेहद गुणकारी है
बाजार में इन बिस्किट्स की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए गांव के 84 समूह इस उद्योग से जुड़ चुके हैं और अपनी आजीविका चला रहे हैं | आज से कुछ वर्ष पहले तक यहाँ के किसान सभी फसलों को बहरी क्षेत्रों में बेच दिया करते थे जिस वजह से इन्हे ज़्यादा मुनाफा नहीं होता था | पिछले साल हुई बैठक के दौरान जिलाधिकारी के द्वारा ग्रामीणों को अनाज को बाहरी क्षेत्रों में न बेचकर अनाज के बिस्कुट बनाने के लिए प्रेरित किया गया ताकि किसानो को मुनाफा होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी गांव में ही उपलब्ध हो जाएं और ग्रामीणों को रोजगार की तलाश में बाहर ना जाना पड़े | अधिकारीयों के द्वारा सभी ग्रामीणों को गाइड किया गया और राज्य सरकार की आजीविका योजना के तहत रोजगार शुरू करने हेतु ग्रामीणों को दो लाख रुपये भी दिलाये गए|


'मन की बात' प्रधानमंत्री मोदी - Narendra Modi 'Mann ki baat' 

प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा ग्रामीणों के इस कार्य को बहुत सराहनीय बताया गया | प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' के ज़रिये लोगों से इस बात को साझा किया और पहाड़ के ग्रामीणों को सभी के लिए प्रेरणास्रोत बताया और देशवासियों को कहा कि ग्रामीणों के द्वारा इस तरह अपने लिए रोजगार के अवसर खुद उत्पन्न करना वाकई में देश की प्रगति के लिए एक बेहतर संकेत हैं | मोदी जी ने कहा कि पहाड़ के किसानो ने देश के सभी किसानो के लिए मिसाल कायम की है और सभी लोगों को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए | किसानो ने अपनी मेहनत के दम पर अपनी किसमत ही नहीं अपितु अपने पूरे क्षेत्र की किसमत बदलकर रख दी है| 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीणों की सराहना 

जब से प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में इन बिस्किटों के बारे में ज़िक्र किया तब से ही लोगों का इन उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान बढ़ गया है | हिलांस बिस्कुट की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है | फिलहाल मार्केट में 5000 से अधिक प्रतिमाह मंडुए के बिस्कुट पैकेट की डिमांड है | इस सहकारिता के माध्यम से 5 लाख से भी ज़्यादा आय अर्जित की जा रही है | अभी मंडुए के बिस्किटों को अल्मोड़ा, कौसानी सहित क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पहुंचाए जा रहे हैं | 250 ग्राम का एक मंडुए के बिस्कुट का पैकेट 25 रुपये का है | 

मुनार, बागेश्वर 

बागेश्वर के मुनार में मंडुए से बनने वाले बिस्कुट के उत्पादन का निरिक्षण भारत सरकार के अनुसूचित जनजाति मंत्रालय की टीम के द्वारा कर लिया गया है और अब बहुत जल्द हिलांस बिस्कुट केवल बागेश्वर ही नहीं बल्कि देहरादून और दिल्ली जैसे शहरों में भी उपलब्ध कराये जायेंगे | 


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